सीधी सादी,कसी लुगायां हे
भोली भाली,कसी लुगायां हे
जनम की मां,करम की अन्नपूर्णा
भूखी तरसी, कसी लुगायां हे
पन्ना,तारा,जसोदा मां, कुन्ती
माय माड़ी, सकी लुगायां हे
कुंआरी बिलखे हे,परणी कलपे
घर से भागी,कसी लुगायां हे
गूंगी-गेली,वखत की मारी हे
खूंटे बांधी, कसी लुगायां हे
फ़ांसी-फ़न्दो,तेल ने तंदूर
लाय लागी,कसी लुगायां हे
टीप:
लुगायां:औरतें
माड़ी:मां
परणी:ब्याहता
लाय: आग
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Sunday, 10 June 2007
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